Thursday, September 6, 2018

पीएम मोदी पहुंचे मिर्जापुर,साल पुरानी बाण सागर परियोजना का करेंगे लोकार्पण

मिर्जापुर. वाराणसी में रात्रि विश्राम के बाद पीएम मोदी ने सुबह 9 बजे से कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक खत्म होने के बाद पीएम मोदी मिर्जापुर के लिए निकल गए। करीब सुबह 10.30 पर वह मिर्जापुर पहुंच गए हैं। मिर्जापुर में मुख्य रूप से पीएम 40 साल पुरानी बाण सागर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही कई परियोजनाओं के शिलान्यास का कार्यक्रम भी है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान उनके साथ रहेंगे।

1978 में किया गया था बाण सागर परियोजना का शिलान्यास: बाणसागर परियोजना का शिलान्यास 14 मई 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया था। उस वक्त इस परियोजना की लागत 300 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 35 सौ करोड़ हो गई। परियोजना से 150 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को इससे फायदा पहुंचेगा, यूपी में मिर्जापुर और इलाहाबाद के किसानों को फायदा होगा। इसके साथ ही पीएम मोदी चुनार पुल का लोकार्पण करेंगे। बालू घाट स्थित गंगा नदी पर 923.68 मीटर लंबे पुल की नींव 13 फरवरी 2007 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने रखी थी। चुनार पुल के शिलान्यास के दौरान पुल की लागत 39 करोड़ 45 लाख 11 हजार थी, अब यह बढ़कर 60 करोड़  29 लाख 51 हजार हो गई। इससे मिर्जापुर से वाराणसी आने वाले यात्रियों को 20 किमी की यात्रा कम करनी होगी और जाम से बचेंगे।

मेडिकल कालेज का शिलान्यास: मिर्जापुर में डीएम आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर पिपराडाड स्थित कृषि विभाग की जमीन पर 250 करोड़ की लागत से मेडिकल कालेज का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए कृषि विभाग जमीन को मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। पीएम इसका भी शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री राज्य में 108 जन औषधि केन्द्रों का उद्घाटन भी करेंगे।दौर।  मप्र में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस और भाजपा दाेनों प्रमुख पार्टियों ने कमर कस ली है। 6 जून को मंदसौर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की आमसभा के बाद 23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मप्र के दौरे पर आ रहे हैं। हालांकि अभी प्रधानमंत्री के दौरे की आधिकारिक घाोषणा नहीं की गई है, लेकिन मप्र सरकार द्वारा पीएम के दौरे को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

इंदौर में करेंगे 1600 बसों के संचानल की शुरुआत
- राजनैतिक व प्रशासनिक सूत्रों का कहना  है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मप्र दौरा 23 जून को लगभग तय है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। अपने दौरे के दौरान पीएम इंदौर के साथ ही राजगढ़ में जाएंगे।
- इंदौर में प्रधानमंत्री अमृत परियोेजना के तहत 1600 बसों के संचालन की शुरुआत करेंगे। यह बसें मप्र के 16 प्रमुख शहरों के मध्य चलाए जाने की योजना है। इसके अलावा मोदी राजगढ़ में सिंचाई परियोजना का शुभारंभ भी कर सकते हैं।

कांग्रेस के आक्रमक तेवर का असर
- राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मप्र दौरे का कार्यक्रम अचानक से तैयार किया गया है। कुछ दिनों पहले तक पीएम के मप्र दौरे की कोई हलचल नहीं थी, लेकिन मप्र में भड़के किसान आंदोलन और कांग्रेस का शिवराज सिंह चौहान सरकार पर लगातार हमले करने से राजनैतिक माहाैल कांग्रेस के पक्ष में झुकता दिखाई दे रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के मप्र के दौरे की योजना भाजपा के रणनितिकारों द्वारा तैयार की गई है।

क्यों आ रहे हैं राहुल गांधी
- मप्र के मंदसौर में 6 जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान 6 किसानों की मौत हो गई थी। घटना को एक साल होने वाले हैं। कांग्रेस इसके जरिए मप्र के किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। इसी को देखते हुए राहुल गांधी गोलीकांड की बरसी पर मंदसौर पहुंच रहे हैं, वे यहां एक सभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी के मंदसौर दौरे से कांग्रेस को और  मजबूती मिलेगी।

मतदाता सूची मामले में भी भाजपा बैकफुट पर
- मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को चुनाव आयोग से मप्र में बड़े पैमााने पर फर्जी मतदाता सूची तैयार करने की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। कांग्रसे की शिकायत पर चुनाव आयोग ने दो जांच दल का गठन कर उन्हें जांच के लिए सोमवार को भोपाल भी भेज दिया है। इस मामले में भी कांग्रेस द्वारा भाजपा पर निशाना साधा जा रहा है। मतदाता सूची में फर्जीवाड़े की शिकायत पर चुनाव आयोग द्वारा जांच दल भोपाल भेजने से इस पूरे मामले में भाजपा बैकफुट पर आ गई है। इस स्थिति से उबरने के लिए भाजपा द्वारा नरेन्द्र मोदी के मप्र दौरे की योजना तैयार की गई है।

हार्दिक भी सभा करने के लिए अड़े
- किसान नेता हार्दिक पटेल को किसान आंदोलन को देखते हुए सभा की परमिशन नहीं देने का मुद्दा गरमा गया है। हार्दिक ने परमिशन के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हार्दिक का कहना है कि कुछ भी हाे जाए हम सभा तो करके रहेंगे। बता दें कि हार्दिक पटेल जबलपुर और सतना सहित प्रदेश के कई जिलों में सभा करना चाह रहे हैं।

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